
क्रॉनिक किडनी डिज़ीज़ (CKD)
क्रॉनिक किडनी डिज़ीज़ (CKD) में किडनी की कार्यक्षमता महीनों या सालों में धीरे-धीरे घटती है। यह अक्सर डायबिटीज़ और हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ी होती है, और शुरुआती अवस्था में ज़्यादा लक्षण नहीं दिखते, इसलिए यह आमतौर पर नियमित खून और पेशाब की जाँच में पकड़ में आती है।
उपचार में कारण पता करना, बीमारी की अवस्था तय करना, उसकी बढ़त धीमी करना और खून की कमी (एनीमिया), शरीर में पानी जमा होना तथा हड्डियों और खनिजों में बदलाव जैसी जटिलताओं का प्रबंधन शामिल है।
अस्पताल में: खून और पेशाब की जाँच के साथ नियमित समीक्षा, और ज़रूरत हो तो डायलिसिस या प्रत्यारोपण की पहले से योजना।







